देश की बढ़ती दुर्दशा : जिम्मेवार कौन ?
सन् 1947 ई. की आधी रात को हुई सत्ता हस्तांतरण की अनोखी घटना न केवल देश की विशाल आन्दोलनरत् क्रांतिकारी जनता के आंखों में धूल झोंकने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी अपितु इसी के साथ ही देश का चरित्र भी औपनिवेशिक से बदल कर अर्ध-औपनिवेशिकता का चोला पहन लिया. पूंजीवादी व्यवस्था ने सामंतवाद…

