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तानाशाह और मुर्गा

एक तानाशाह के शासन के दौर की बात है. एक दिन तानाशाह अपने दरबार में एक ज़िंदा मुर्गा लेकर आया और एक एक कर के उस मुर्गे के पंख उखाड़ने लगा. मुर्गा दर्द से कराहने लगा, उसकी चमड़ी के छिद्रों से खून बहने लगा. ह्रदय को झकझोरने वाला क्रंदन मुर्गा करने लगा, लेकिन इसके बावजूद…