नोटबंदी: साहित्य समारोहों में दिलचस्पी नहीं ले रहे आयोजक, प्रकाशन उद्योग पर पड़ रही मार

प्रकाशन उद्योग में आमतौर पर नवंबर से मार्च के बीच रचनात्मक लेखन क्षेत्र में अच्छी बिक्री देखने को मिलती है लेकिन वह नोटबंदी के फैसले के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है क्योंकि आयेाजक साहित्य समारोहों का आयोजन करने से बच रहे हैं जिससे किताबों की बिक्री में काफी कमी आई है. मराठी प्रकाशक…