जयपुर की कंपनी सेना के लिए जूते बनाती थी,
और 2200₹ में सेना को देती थी
लेट पेमेंट की वजह से ये डील अब रद्द हो गयी है
अब वह जूते इस्राइल को बेचते है,
फिर इजराइल वहीँ जूते भारत को बेचता ,
और फिर वे जूते भारतीय सैनिकों को नसीब होते है! भारत अब एक नंग जूते के Rs. 25,000/- देता और यह सिलसिला मोदी की सरकार मेक इन इंडिया द्वारा चल रहा है ।
और इस तरह आखिर पर्रिकर ने वहीँ जूते सिर्फ 25000/- में फाइनल किया !!
सोचिए … बीजेपी ने नोटबन्दी में घेर कर कितनी लूंट मचा रखी है !!……………
ताबूत चोर अब जूताखोर







