केंद्र सरकार ने २३ सितम्बर २०१६ को गेहू पर आयात शुल्क २५ फीसदी से घटाकर १० फीसदी कर दिया था ,
अब ८ दिसम्बर २०१६ को इस १० फीसदी आयात शुल्क को भी सरकार ने ख़त्म कर दिया है !!
आप लोगो को यह जानकर हेरत होगी ,यह फेसला तब लिया गया है ,जब देश में गेहू की पैदावार बम्पर होने के आसार है , और बाहर से मांगने की कोई आवश्यकता ही नही है !!
दरअसल देश के व्यापारिक घरानों ने आस्ट्रेलिया और युक्रेन से ३५ लाख टन गेहू आयात करने का करार किया है ,क्योकि विश्व बाजार में गेहू का भाव भारत की तुलना में कम चल रहा है ,, इसलिए मोके का फायदा उठाने के लिए व्यापारिक घरानों ने आस्ट्रेलिया और युक्रेन से गेहू खरीद कर ,इसको भारत में खपाने का सोचा है ,,और इन बड़े व्यापारियो की सहूलियत के लिए ,किसानो के मसीहा मोदी जी ने आयात शुल्क पूरी तरह ख़त्म कर दिया है !!
- अब आयात शुल्क देश के खजाने में ना जा कर, दुसरे रास्ते से होकर चंदे के रूप में बीजेपी के फण्ड में जाएगा ,और भाड़ में गया देश का किसान जो इन बड़े व्यापारिक घरानो के कदमो तले कुचला जाएगा !!







